
फ्लईएश डम्पिंग को संरक्षण देने के आरोप , लाखों के कथित लेनदेन की चर्चा : ग्रामीणों में आक्रोश ,निष्पक्ष जाँच की मांग
SARANGARH / सरिया
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में कोटवार की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय कोटवार को पद से हटाकर ओडिशा निवासी व्यक्ति की नियुक्ति किए जाने के बाद ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में नाराजगी देखी जा रही है। मामले को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कोटवार को बिना स्पष्ट कारण हटाकर बाहरी व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंप दी गई। उनका कहना है कि इससे स्थानीय पात्र लोगों के अधिकारों की अनदेखी हुई है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर किन परिस्थितियों में स्थानीय व्यक्ति को हटाकर दूसरे राज्य के निवासी को नियुक्त किया गया।
विवाद को लेकर क्षेत्र में फ्लाईएश (राखड़) डंपिंग के कथित अवैध कारोबार की भी चर्चा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि नियुक्ति का संबंध राखड़ परिवहन और डंपिंग से जुड़ी गतिविधियों से हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की अब तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में सरिया तहसीलदार कोमल साहू की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितता और आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन इन दावों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
घटना के बाद क्षेत्र में विरोध का माहौल है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

