आप तक छत्तीसगढ़

सारंगढ़ बिलाईगढ़,
जिले के दर्जनों विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने आज एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते हुए नगर में रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, पशु चिकित्सा सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि सरकार ने वादों को पूरा नहीं किया तो उन्हें भविष्य में उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
प्रमुख मांगें:
• केंद्र के समान 2% महंगाई भत्ता देय तिथि से प्रदान किया जाए
• लिपिकों की वेतन विसंगति को दूर किया जाए
• लंबित महंगाई भत्ते की राशि का संयोजन किया जाए
• सहायक शिक्षकों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान प्रदान किया जाए
• कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए
रैली के दौरान अधिकारी-कर्मचारी लगातार सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए नगर भ्रमण करते नजर आए। उनका कहना था कि यह प्रदर्शन महज एक चेतावनी है, यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे व्यापक आंदोलन होगा।

फकीरा यादव, जिला संयोजक, छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन
“हमारी मांगें जायज़ हैं, और सरकार को इन्हें गंभीरता से लेना होगा। यदि केंद्र के अनुरूप सुविधाएं नहीं दी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।”
लैलून भारद्वाज, जिला संरक्षक, छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन
“ये तो केवल सांकेतिक विरोध है। यदि सरकार ने हमारी मांगों की अनदेखी की, तो भविष्य में कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे और इसके राजनीतिक परिणाम भी भुगतने होंगे।”
इस पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की निगरानी बनी रही, लेकिन विरोध शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। अब देखना यह है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

