
रायपुर, 8 फरवरी 2026।
राजधानी रायपुर में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित “फिस्कल फ्रंटियर 2026: छत्तीसगढ़ में GST ट्रिब्यूनल का उदय” कार्यक्रम को उद्योग जगत, कर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, कर विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राज्य में GST अपीलीय अधिकरण को लेकर व्यापक उत्साह और उम्मीद बनी हुई है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रभावी अपीलीय तंत्र से कर विवादों के समाधान में तेजी आएगी और उद्योग तथा सरकार के बीच विश्वास मजबूत होगा। उन्होंने राज्य में कर सुधारों और विकसित हो रहे GST ढांचे को निवेश के लिए अनुकूल बताया।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय महत्व देश की शीर्ष न्यायिक हस्तियों की उपस्थिति से मिला। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा तथा GST अपीलीय अधिकरण, नई दिल्ली के अध्यक्ष एवं झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने GST ट्रिब्यूनल की भूमिका, कर न्याय व्यवस्था में इसकी आवश्यकता और पारदर्शी विवाद निपटान प्रणाली के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
तकनीकी सत्र में नवगठित GST अपीलीय अधिकरण की संरचना, अधिकार क्षेत्र और कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर GSTAT छत्तीसगढ़ राज्य पीठ के न्यायिक सदस्य प्रदीप कुमार व्यास तथा तकनीकी सदस्य (केंद्र) सतीश कुमार अग्रवाल भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि ट्रिब्यूनल के प्रभावी संचालन से लंबित कर मामलों के शीघ्र समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में CII छत्तीसगढ़ राज्य कार्यालय की उप निदेशक एवं प्रमुख श्वेता सोंगेन ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। CII छत्तीसगढ़ वित्त एवं कराधान पैनल के संयोजक एवं HNA & Co. LLP के पार्टनर भावेश मित्तल ने उद्योग-सरकार संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। CII छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष एवं RSV Exim Pvt Ltd के प्रबंध निदेशक संजय जैन तथा उपाध्यक्ष एवं श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक बजरंग गोयल ने भी व्यवसाय सुगमता, कर पारिस्थितिकी तंत्र और निवेश संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
समग्र रूप से “फिस्कल फ्रंटियर 2026” कार्यक्रम राज्य में मजबूत कर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और उद्योग-सरकार सहभागिता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम से यह संकेत मिला कि छत्तीसगढ़ में GST अपीलीय अधिकरण की सक्रियता से कर प्रशासन की पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

