
SARANGARH-BILAIGARH |13जनवरी 2026
जिले में धान खरीदी के बीच ओडिशा से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से धान लाकर खपाए जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर अनियमितता को लेकर जिला पंचायत सदस्य (उद्योग एवं सहकारिता) डॉ. हरिहर जायसवाल ने कलेक्टर महोदय को पत्र लिखकर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. जायसवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उन्हें फोन के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई थी कि ओडिशा से धान बिचौलियों द्वारा भारी मात्रा में धान छत्तीसगढ़ में लाया जा रहा है, जिसे सेवा सहकारी समितियों एवं राइस मिलों के माध्यम से खपाने का प्रयास किया जा रहा है।
सूचना की पुष्टि हेतु डॉ. जायसवाल स्वयं झाल ओडिशा बॉर्डर बेरियर पहुंचे, जहां रात करीब 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान 13 पिकअप वाहनों को रोककर ओडिशा की ओर वापस भेजा गया, जिनमें अवैध रूप से धान परिवहन किया जा रहा था।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ राइस मिलर्स अपने मिल का धान किसानों के पास विक्रय करवा रहे हैं, जबकि किसान वही धान छत्तीसगढ़ के अधिकृत धान खरीदी केंद्रों में बेच रहे हैं। इतना ही नहीं, मिलर्स द्वारा खरीफ फसल के धान को मिलिंग के लिए रखकर रबी फसल में भराई कर अधिक कीमत पर बेचने की आशंका भी जताई गई है।
डॉ. जायसवाल ने इसे शासन के नियमों और किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे राज्य को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ वास्तविक किसानों का हक भी मारा जाएगा।
उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया है कि
👉 ओडिशा से आने वाले अवैध धान पर तत्काल रोक लगाई जाए
👉 धान बिचौलियों और संलिप्त राइस मिलर्स पर कड़ी कार्रवाई की जाए
👉 सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी और जांच व्यवस्था मजबूत की जाए
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और अवैध धान के इस नेटवर्क पर कब तक लगाम लगती है।

