
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक कर्मचारी भवन, बिलासपुर में प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार लहरे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए, जहां पदोन्नति विवाद समेत विभिन्न लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिकाएं (SLP) क्रमांक 693 एवं 695/696-2023 पर 12 मार्च 2026 को आए फैसले पर रहा। न्यायालय द्वारा दोनों याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद संघ में हर्ष की लहर दौड़ गई। संघ ने इसे न्याय और संवैधानिक व्यवस्था की जीत बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
संघ के अनुसार, वर्ष 2010 में निर्धारित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में 4 दिसंबर 2018 को किए गए संशोधन से अधिकारियों की वरिष्ठता प्रभावित हुई थी। इस संशोधन को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर 7 अप्रैल 2022 को अध्यादेश को निरस्त कर दिया गया था। इसके खिलाफ राज्य शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
इस फैसले के चलते वर्ष 2021 में की गई कुल 582 पदोन्नतियां स्वतः निरस्त हो गई हैं। इससे प्रभावित अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। संघ ने बताया कि अब वर्ष 2019 की वरिष्ठता सूची के आधार पर पात्र अधिकारियों को नियमानुसार पदोन्नति दिलाने की दिशा में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों ने होली मिलन समारोह आयोजित कर एक-दूसरे को गुलाल लगाकर इस जीत का जश्न मनाया।

