आप तक छत्तीसगढ़

सारंगढ़ बिलाईगढ़
जिले में लगातार धान खरीदी मामले निकल कर सामने आ रहे जिसमे जिला कलेक्टर ने लापरवाह और फर्जीवाडा करने वाले समितियों पर एफआईआर तक दर्ज करा रहीं शासन, जिले के उपार्जन केंद्रों के बाद अब संग्रहण केन्द्र शुर्खियो में है जहा लापरवाही की ऐसी पोल खुल रही है, जहा हजारों बोरियों धान भीगकर सड़ रहे है, अपको बता दे सारँगढ़ हरदी हवाई पटी के नाम से मशहूर स्थान अभी वर्तमान में धान को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने धान संग्रहण केंद्र बनाया है,

जहां लगभग 800 प्लस स्टेग धान का ढेरी लगाया है जिसमे एक स्टेग में लगभग 3000 बोरी धान को रखा गया है लेकिन खुले आसमान के नीचे विगत दो रातो की बारिश ने संग्रहण केंद्र की पोल खोल दी है अव्यवस्था के कारण हजारों बोरियां धान बारिश में भीगे वही जब मार्कफेड के मौजूद कर्मी दीपक शुक्ला से पूछा गया तो उनका कहना था की 800 में लगभग 40 से 50 स्टेग नही ढका था, और वही कुछ ढके हुए स्टेक की त्रिपाल तेज हवा में उड़ गया जिससे धान भीग गया,
अपना पल्ला छाड़ लिया वही अगर आप एक स्टेक में 3000 बोरियां है तो खुले में 40 से 50 स्टेक थे जिसे नही ढके थे रात में बारिश हुई और हजारों बोरियां धान भीगते रहे, सुबह अब कर्मचारियों से भीगे धान को बाहर निकालकर सुखाया जा रहा है, मार्कफेड की घोर लापरवाही समाने आई जहा खुले में लगभग हजारों बोरियां धान बारिश में भीगकर बर्बाद हो गई,


अधिकारी मना रहे संडे की छुट्टियां,बारिश में भीग रहे हजारों बोरिया धान
धान संग्रहण केन्द्र की पूरी जवाबदारी और जिम्मेदारी डीएमओ शीतल भोई की है लेकिन साहब को तो संडे की छुट्टियों से ही फुरसत नहीं कहां से ध्यान रखें, संग्रहण केन्द्र में केंद्रित करते वही मिडिया की टीम ने जब उन्हे दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर जानकारी देना चाहा और पक्ष जानने की कोशिश की,तो साहब फोन उठाना तक मुनासिफ नही समझ रहे है, बकायदा अपने कर्मचारियों को लगातार दूरभाष के माध्यम से अपने कर्मचारियों से जुड़े रहें, खैर छुट्टी का दिन था,
अधिकारिक बाइट आना बाकी है
बारिश में भीगी हजारों बोरियां कौन है जिम्मेदार ?
वही जिला प्रशासन अब ऐसे मामले में क्या संज्ञान लेती है, ये तो वक्त बताएगा फिलहाल घोर लापरवाही चल रहे संग्रहण केन्द्र हरदी में सिर्फ दो दिन की बारिश हजारों बोरियां भीग गई कही बारिश बड़ जाती तो क्या स्थिती होती फिलहाल डीएमओ की देख रेख में चल रहा लापरवाही का पुरा खेल, लेकिन जब कही जांच होगी कार्यवाही होगी तो छोटे कर्मचारी डेली बिजनेश जैसे कर्मचारियों को लताड़ दिया जाएगा, और जिम्मेदार अधिकारी को खुला छोड़ दिया जाएगा, जबकि अधिकारी उस वक्त मौसम विभाग से जानकारी मिलने के बाद अगर सतर्क होती तो शायद आज हजारों बोरियां धान बारिश में भीगकर बर्बाद नहीं होती, और जांच होगी कुछ दिन बाद सुख जायेगी धान ठंडे बस्ते में होगा मामला फिलहाल कलेक्टर धर्मेश साहु एक्शन मोड़ पर है, धान खरीदी और संग्रहण केंद्रों की लापरवाही नजरंदाज नहीं कर सकते?

