
📰 बिलाईगढ़ में पीडीएस घोटाले की जांच शुरू — ग्रामीणों को दो माह से नहीं मिला चावल, शक्कर, नमक! 📰
Bilaigarh : विगत दिनों ग्रामीणों द्वारा राशन वितरण में अनियमितता को लेकर उठाए गए सवाल अब जांच के घेरे में हैं। बिलाईगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम चिकनीडीह में ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि उन्हें दो महीने से चावल, शक्कर और नमक नहीं मिला है। खबर मीडिया में आने के बाद अब इस पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, जांच सहायक खाद्य अधिकारी बिलाईगढ़ द्वारा की जा रही है। अधिकारी ने गांव जाकर सैकड़ों हितग्राहियों से बयान दर्ज किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लगभग 100 से अधिक हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिला है। वहीं पीडीएम गोदाम की जांच में पाया गया कि माह अक्टूबर का मासिक आबंटन कम मात्रा में जारी किया गया था।

जानकारी के मुताबिक, खाद्य विभाग ने मूल आबंटन 14 अक्टूबर को जारी कर दिया था, लेकिन पीडीएस संचालक को 31 अक्टूबर को ही खाद्यान्न का भंडारण मिला, जिसके कारण वितरण में देरी हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि विक्रेता ने राशन जमा कराकर अंगूठा लगवाया, जो नियम विरुद्ध पाया गया।
वहीं विक्रेता ने भी नान विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें समय पर चावल उपलब्ध नहीं कराया गया। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि नान विभाग की देरी और लापरवाही के कारण ही यह स्थिति बनी। सहायक खाद्य अधिकारी ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डीएमओ को कार्यवाही के लिए रिपोर्ट भेजी है।
अब देखना यह होगा कि जांच में वास्तविक जिम्मेदार कौन ठहरता है — नान विभाग की लापरवाही या विक्रेता की गड़बड़ी?
📌 विशेष बिंदु:
• चिकनीडीह के 100 से अधिक हितग्राहियों को दो महीने से नहीं मिला राशन।
• नान विभाग पर समय पर आबंटन न देने का आरोप।
• विक्रेता पर हितग्राहियों से अंगूठा लगवाने का भी आरोप।
• जांच रिपोर्ट डीएमओ को भेजी गई, आगे की कार्रवाई का इंतजार।

