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सारंगढ़ बिलाईगढ़
सारंगढ़ बिलाईगढ़ के गोडम हाईस्कूल मार्ग में संचालित आरा मशीनों में अवैध रूप से कीमती लकड़ियों की चिराई की शिकायत सामने आई है, लेकिन वन विभाग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। क्षेत्र में कई आरा मशीनें बिना लाइसेंस या निर्धारित नियमों का पालन किए बिना चल रही हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रात के अंधेरे में कीमती लकड़ियों को जंगलों से काटकर लाया जाता है और चोरी-छिपे आरा मशीनों में चिराई की जाती है। खासकर साल, सागौन और शीशम जैसी दुर्लभ प्रजातियों की लकड़ी बड़े पैमाने पर काटी जा रही है।
वन विभाग की उदासीनता
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी है, लेकिन मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग के अधिकारी केवल दिखावटी जांच करके मामला रफा-दफा कर देते हैं।
स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर से शिकायत कर संबंधित आरामिल पर कार्यवाही की मांग की है, आईए पढ़ते है शिकायतकर्ता ने अपने शिकायत
पत्र में क्या लिखा है।
ग्राम गोड़म में हाई स्कूल रोड पर संचालित पटेल सॉ-मील के द्वारा अपने आरा मशीन में क्षमता से अधिक लकड़ी की भंडारण किया गया है, जिसमें कहुआ एवं ईमारती लकड़ी भी शामिल है। जिसे अवैधानिक रूप से चिराई किया जा रहा है। पहले भी उनके नाम से मिडिया के द्वारा शिकायत किया गया था। उक्त तारतम्य में वन विभाग के अधिकारी एवं ‘कर्मचारियों द्वारा जाकर जॉच के नाम पर खाना पूर्ति कर दिया गया है । उनका कहना है कि मैपैसा वाला हैं।मुझे कोई कुछ नही ‘कर सकता है इससे एनका मनोबल बहुत बढ़ा हुआ है। पहले जब एनके रऊपर कार्यवाही करने पहले उनको पता चल गया था जिससे किवह सभी ईमारती एवं
जंगली लकड़ी को जे.सी.बी. एवं ट्रेक्टर के माध्यम से अन्यत्र स्थान पर रखवा
दिया गया था। अभी भी उनके पास ईमारती एवं जंगली, कहुआ लकड़ी के भंडार
‘को उनके हाता से अलग दूर खेत में रखा गया है, जिसे ट्रेक्टर के द्वारा लाकर
चिराई किया जाता है। उनके आरा मशीन में हाता लगाया गया है कि कोई भी
अन्य आदमी देखना सके। उक्त लकड़ी को उनके आरा मशीन के हाता के
पीछे के खेतो में रखा जाता है ताकि जॉच पर अधिकारी को चकमा दे सके।

