
सारंगढ़-बिलाईगढ़।
जिले का शिक्षा विभाग इन दिनों एक बार फिर प्रशासनिक विवादों के केंद्र में है। पहले दो-दो जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) की नियुक्ति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही, अब वही हाल एक प्रमुख शासकीय विद्यालय — पीएम श्री स्कूल/सजेस, सारंगढ़ — में भी देखने को मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, विभाग ने हाल ही में निलंबित रहे अधिकारी एल. पी. पटेल को प्राचार्य के रूप में बहाल करने का आदेश जारी किया है। मगर समस्या यह है कि विद्यालय में पहले से ही कार्यरत प्राचार्य को न तो औपचारिक रूप से रिलीव किया गया और न ही उनका स्थानांतरण आदेश जारी हुआ।
नतीजतन, अब दोनों ही अधिकारी स्वयं को विद्यालय का वैध प्राचार्य बताते हुए कार्यभार संभालने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्कूल में भ्रम और तनाव की स्थिति बन गई है।
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विद्यालय में दोहरी कमान से मचा असमंजस
विद्यालय में पिछले कुछ दिनों से दोनों प्राचार्यों के बीच कार्यालयीन कार्यों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
शिक्षक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किसके आदेशों का पालन करें, वहीं छात्रों की पढ़ाई और विद्यालय का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
एक वरिष्ठ शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया —
“यह पहली बार नहीं है। कुछ माह पहले दो-दो डीईओ की नियुक्ति को लेकर भी जिले में अफरा-तफरी मची थी। विभागीय स्तर पर समन्वय की कमी के कारण शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।”
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विवादों का पुराना इतिहास – हर बार चर्चा में रहे एल. पी. पटेल
जानकारी के अनुसार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के शिक्षा विभाग में चल रही अधिकांश अशांति के केंद्र में एक नाम बार-बार सामने आता है — एल. पी. पटेल।
जिले के शिक्षकों और छात्र संगठनों का आरोप है कि जब भी उन्हें सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पदस्थ किया गया, विरोध और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
विगत वर्षों में भी उन पर कई गंभीर आरोप लगे — जिनमें सेक्स स्कैंडल, मनमानी तबादले, नियमों की अवहेलना और जांच में दोषी पाए जाने जैसे मामले शामिल रहे।
उन्हें पहले डीईओ पद से निलंबित किया गया था, बाद में अदालत के आदेश से बहाली हुई।
हालांकि, उनके कार्यकाल में कलेक्टर द्वारा गठित उड़नदस्ता दल में मनमाने फेरबदल का मामला सामने आने पर पुनः कार्रवाई हुई थी।

