
सारंगढ़ – सारंगढ़ विकासखंड में प्रस्तावित प्रदेश की सबसे बड़ी खदान की जनसुनवाई को लेकर विरोध तेज़ हो गया है। 24 सितम्बर को निर्धारित इस जनसुनवाई को रोकने अब सत्ता और विपक्ष दोनों ही मैदान में उतर आए हैं।
जहाँ कांग्रेस विधायक व कांग्रेस जन पहले से ही विरोध कर रहे थे, वहीं अब भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय और उद्योग सभापति हरिहर जायसवाल सहित भाजपा नेताओं ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जनसुनवाई रोकने की मांग की है।
ग्राम पंचायत लालाधुर्वा, धौराभांठा, सरसरा, जोगनीपाली और कपिसदा ब के ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 200.902 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर कंपनी “ग्रीन सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग प्रा. लि.” खदान स्थापित करना चाहती है, जो पूरी तरह खेती और आजीविका को नुकसान पहुँचाएगा।

ग्रामीणों के इस आक्रोश के बीच अब बड़ा सवाल यह है कि जब सारंगढ़ भर में जनसुनवाई का विरोध गूंज रहा है और सत्ता-विपक्ष दोनों ही इसके खिलाफ खड़े हैं, तो क्या वास्तव में 24 सितम्बर को जनसुनवाई संभव हो पाएगी?
👉 यह विरोध अब सिर्फ प्रभावित गांवों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे सारंगढ़ में आंदोलन का रूप ले चुका है। सभी की निगाहें प्रशासन और पर्यावरण विभाग पर टिकी हुई हैं कि क्या ग्रामीणों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ कर जनसुनवाई होगी या जनता की मांग को मानते हुए इसे रोका जाएगा।

